- रासो साहित्य- " रासो " शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वानों में मतभेद है ।
- फ्रांसीसी इतिहासकार गार्सा- द- तासी ने रासो शब्द की व्युत्पत्ति " राजसूय " से मानी है।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने " रसायण " शब्द से मानी है ।
- नरोत्तम स्वामी ने रासो शब्द की व्युत्पत्ति " रसिक " शब्द से मानी है।
- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी व चंद्रबली पांडेय ने संस्कृत के " रासक " शब्द से ही रासो शब्द की व्युत्पत्ति मानी है ।
हिन्दी साहित्य का काल विभाजन एवं नामकरण- डॉक्टर ग्रियर्सन ने हिंदी साहित्य के इतिहास को 11 भागों में विभाजित किया। उन्होंने हिंदी साहित्य की प्रथम काल को " चारण काल " कहा। मिश्र बंधुओं ने अपने ग्रंथ मिश्र बंधु विनोद में निम्न प्रकार से काल विभाजन किया । आरम्भिक काल (क) - पूर्वारंभिक काल 700 विक्रम संवत से 1343 विक्रम संवत ( ख) - उत्तरारंभिक काल - 1344 से 1444 विक्रम संवत। माध्यमिक काल (क)- पूर्वामाध्यमिक काल 1445 से 1560 विक्रम संवत। (ख) - प्रौढ़ माध्यमिक काल 1561 से 1680 विक्रम संवत । अलंकृत काल (क) - पूर्वालंकृत काल 1681 से 1790 विक्रम संवत। (ख) - उत्तरालंकृत काल 1791 से 1889 विक्रम संवत। परिवर्तन का काल 1890 से 1925 विक्रम संवत । वर्तमान काल 1926 से अधावधि। (3 ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य के इतिहास को चार भागों में विभाजित किया है - (1) वीरगाथा काल 105...

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जवाब देंहटाएंThanks 😊
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हटाएंThanks a lot 😊
हटाएंNice knowledge
जवाब देंहटाएंThanks a lot 😊
हटाएंCan we have a google translate option please
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जवाब देंहटाएंThanks a lot 😊
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हटाएंVery very thoughtful + colourfull
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