- साहित्य- समाज का दर्पण है । जिसमें भारतीय समाज की वास्तविक छवि प्रकट होती है सर्वश्रेष्ठ साहित्य में उत्तम कोटि के विचार होते हैं साहित्य हमें जीवन जीना सिखाता है । साहित्य के द्वारा हमें भारतीय समाज व संस्कृति को गौरवशाली परंपरा की ओर दिशा दे सकते है
- सर्वश्रेष्ठ साहित्य किसी भी भाषा का हो चाहे Hindi या English उससे हमें अच्छे विचारों व सिद्धांतों को सिखना चाहिए। क्योंकि सर्वश्रेष्ठ साहित्य किसी विशेष देश व काल के अधीन नहीं होता है ।वे तो सार्वभौमिक होता है।
- जब हम किसी भी भाषा के अच्छे poet व writer की बात करें तो उनके विचार हमेशा सार्थक होते हैं। उनके विचार किसी काल या परिधि के अधीन नहीं होते हैं ।
- For example: हिन्दी में सूर्यकांत त्रिपाठी जी निराला, रामधारी सिंह दिनकर, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन आदि ।
- In English : William Shekeshpear , Fransis bacon , John done etc.
- अर्थात जितने भी अच्छे लेखक व कवि हुए हैं उनका सम्मान करना चाहिए। क्योंकि उनको सम्मान देखें हम उनके साहित्य व काव्य का सम्मान करते हैं।
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- Thanks for all of you
- R.k pidiyar
वीरगाथात्मक काव्य रचनाएं - आदिकालीन साहित्य में वीरगाथाओं का विशेष प्रचलन था जिसमें कभी कवि अपने आश्रयदाताओं की वीरता, साहस, शौर्य एवं पराक्रम को अतिरंजित बनाकर प्रस्तुत करते थे। जिस से उनमें जोश एवं शौर्य जाग्रत होता था । युद्धों का वर्णन - आदिकालीन साहित्य से ज्ञात होता है । कि राजा का प्रजा पर ध्यान कम और अपने साम्राज्य विस्तार पर ध्यान ज्यादा था । जिस के कारण आए दिन युद्ध के बिगुल बज उठते थे । जिसमें अनेक लोग युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो जाते थें जिसका आदिकालीन कवियों ने बड़ा चढ़ाकर वर्णन किया है । संकुचित राष्ट्रीयता की भावना - उस समय राष्ट्रीयता की भावना का अभाव था । लोग एक दूसरे के स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हुए थे । उस समय राष्ट्र का मतलब एक राजा था सामंत की राज्य सीमा थी जिसे वे अपना मानते थे । संपूर्ण भारत को राष्ट्र नहीं समझा गया । इसी कारण पृथ्वीरााज चौहान को शहाबुद्दीन गोरी ने पर परास्त किया । लोक भाषा का साहित्य - सातवीं शताब्दी से दसवीं शताब्दी की अपभ्रंश लोक भाषा के रूप में प्रचलित रही । इस समय के सिद्धाचार्यो , जैनाचार्यों एवं नाथ संप्र...

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