- साहित्य- समाज का दर्पण है । जिसमें भारतीय समाज की वास्तविक छवि प्रकट होती है सर्वश्रेष्ठ साहित्य में उत्तम कोटि के विचार होते हैं साहित्य हमें जीवन जीना सिखाता है । साहित्य के द्वारा हमें भारतीय समाज व संस्कृति को गौरवशाली परंपरा की ओर दिशा दे सकते है
- सर्वश्रेष्ठ साहित्य किसी भी भाषा का हो चाहे Hindi या English उससे हमें अच्छे विचारों व सिद्धांतों को सिखना चाहिए। क्योंकि सर्वश्रेष्ठ साहित्य किसी विशेष देश व काल के अधीन नहीं होता है ।वे तो सार्वभौमिक होता है।
- जब हम किसी भी भाषा के अच्छे poet व writer की बात करें तो उनके विचार हमेशा सार्थक होते हैं। उनके विचार किसी काल या परिधि के अधीन नहीं होते हैं ।
- For example: हिन्दी में सूर्यकांत त्रिपाठी जी निराला, रामधारी सिंह दिनकर, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन आदि ।
- In English : William Shekeshpear , Fransis bacon , John done etc.
- अर्थात जितने भी अच्छे लेखक व कवि हुए हैं उनका सम्मान करना चाहिए। क्योंकि उनको सम्मान देखें हम उनके साहित्य व काव्य का सम्मान करते हैं।
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- Thanks for all of you
- R.k pidiyar
रासो साहित्य- " रासो " शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वानों में मतभेद है । फ्रांसीसी इतिहासकार गार्सा- द- तासी ने रासो शब्द की व्युत्पत्ति " राजसूय " से मानी है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने " रसायण " शब्द से मानी है । नरोत्तम स्वामी ने रासो शब्द की व्युत्पत्ति " रसिक " शब्द से मानी है। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी व चंद्रबली पांडेय ने संस्कृत के " रासक " शब्द से ही रासो शब्द की व्युत्पत्ति मानी है । प्रमुख रासो साहित्य - खुमान रासो - इसका समय 9वीं शताब्दी है कुछ विद्वान इसका समय 17वीं शताब्दी मानते हैं । इसे चित्तौड़गढ़ नरेश खुमाण के समकालीन कवि दलपत विजय द्वारा रचित माना है इसकी भाषा डिंगल है । हम्मीर रासो - इसका समय 13वीं शताब्दी है इसके रचनाकार कवि शाड़र्गगधर है इसमें रणथंभौर के राव हमीर देव चौहान के शौर्य, अलाउद्दीन खिलजी द्वारा 1301 ईसवी में रणथंभौर पर किए गए आक्रमण का वर्णन है । प्राकृत पैैैैंगलम में इसके कुछ छंद मिलते है । बीसलदेव रासो - इसके रचनाकार कवि नरपति नाल्ह है । इसका समय कुछ विद्वानों ने 1272 विक्रम स...

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